नई दिल्ली: उत्तराखंड के सिलक्यारा सुरंग बचाव अभियान में अहम भूमिका निभाने वाले 12 रैट माइनर्स को सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को आयोजित समारोह में इन सभी रैट माइनर्स को यह सम्मान प्रदान किया। नवंबर 2023 में इन्होंने सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के अभियान में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
17 दिनों तक चला था चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान
सिलक्यारा सुरंग हादसे के बाद 41 श्रमिक सुरंग के भीतर फंस गए थे। करीब 17 दिनों तक चले राहत एवं बचाव अभियान में रैट माइनर्स ने बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए मलबा हटाया और श्रमिकों तक पहुंचने का रास्ता तैयार किया। इस अभियान के बाद सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था।
गडकरी बोले- सबसे चुनौतीपूर्ण अभियानों में से एक था ऑपरेशन
सम्मान समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सिलक्यारा सुरंग बचाव अभियान को देश के सबसे चुनौतीपूर्ण अभियानों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि पूरे अभियान की उच्च स्तर पर लगातार निगरानी की गई और फंसे हुए श्रमिकों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए गए।
प्रधानमंत्री ने भी रखी थी लगातार नजर
गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी थी और अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए किसी भी संसाधन की कमी न आने दी जाए।
पाइपलाइन से पहुंचाया गया भोजन और दवाइयां
उन्होंने बताया कि सुरंग के ढहे हुए हिस्से में पाइपलाइन डालना बचाव अभियान की बड़ी सफलता साबित हुआ। इसके जरिए फंसे श्रमिकों तक भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया गया, जिससे राहत कार्य को गति मिली और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी।
खतरे के बीच मलबा हटाकर बचाई 41 जिंदगियां
रैट माइनर्स ने स्वेच्छा से बेहद संकरे और जोखिमभरे हिस्से में प्रवेश कर हाथों से मलबा हटाया। उनके साहस, अनुभव और समर्पण की बदौलत सुरंग में फंसे सभी 41 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना संभव हो सका। इसी असाधारण बहादुरी और मानव सेवा के लिए उन्हें सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया।
